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Poetry

ऐसी की तैसी

उम्र एक अंक है, कहते तो सब है मगर मानता कौन है, आप मानते है? काफी सुना होगा आपने भी की “अब आपसे नहीं होगा, आपकी उम्र हो गई है”। इसी उम्र की कहानी को लेखक ने बताया है, एक हास्य रूप देके । आनंद ज़रूर लीजिएगा मगर ज़रा सा सोचिएगा भी ।

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