Poetry

क्यों?

मनुष्य के जीवन में बहुत से ऐसे पल आते हैं जब उसे लगता है कि वह सब कुछ हार चुका है, उसका वजूद मिट चुका है । मन में ऐसे भाव आना विचार आना बुरा नहीं है किंतु इनके कारण रोना स्वयं को तकलीफ देना यह गलत है। ऐसे में हमें जरूरत है कि हम अपनी हिम्मत बांधे और लड़े उन चुनौतियों से। इसी भाव को लेखक ने कविता के माध्यम से प्रस्तुत किया है।

Poetry

ऐसी की तैसी

उम्र एक अंक है, कहते तो सब है मगर मानता कौन है, आप मानते है? काफी सुना होगा आपने भी की “अब आपसे नहीं होगा, आपकी उम्र हो गई है”। इसी उम्र की कहानी को लेखक ने बताया है, एक हास्य रूप देके । आनंद ज़रूर लीजिएगा मगर ज़रा सा सोचिएगा भी ।

Visual Art

Sketches by Hina Dhingra

“There are no mistakes in Zentangle, so there is no need for an eraser. If you do not like the look of a stroke you have made, it then becomes only an opportunity to create a new tangle, or transform it using an old trusty pattern. A Zentangle tile is meant to be a surprise that unfolds before the creator’s eyes, one stroke at a time.” ― Beckah Krahula

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